tag:blogger.com,1999:blog-148466422009-11-12T03:39:59.859-08:00अर्ज किया है !एक अन्दाज ये भी !Ashish Shrivastavahttp://www.blogger.com/profile/02400609284791502799noreply@blogger.comBlogger4125tag:blogger.com,1999:blog-14846642.post-1123093343989797442005-08-03T11:21:00.000-07:002005-08-03T11:28:59.936-07:00हाय हाय ये जालिम जमानापता नही आज क्यों बहुत पुराने गाने सुनने का हो गया.अपनी कुन्दनलाल सहगल के संकलन से ये गाना सुन रह हुँ!<br /> "शाहजहाँ" फिल्म का ये गाना कुन्दनलाल सहगल की आवाज मे है. गीत के बोल है मजरूह सुल्तानपुरी के और सन्गीत दिया है नौशाद ने.<br /><br /><blockquote><br />गम दिये मुस्तक़ील, इतना नाजुक है दिल ये ना जाना<br />हाय हाय ये जालिम जमाना<br /> <br />दे उठे दाग लो उनसे ए महलो कह सुनाना<br />हाय हाय ये जालिम जमाना<br /> <br />दिल के हाथो से दामन छुडाकर <br />गम की नजरो से नजरे बचाकर<br />उठके वो चल दिये कहते ही रह गये हम फसाना<br />हाय हाय ये जालिम जमाना<br /> <br />कोइ मेरी रुदाद देखे,ये मोहब्बत की बेदाद देखे<br />फुक रहा है जिगर मगर पड रहा है मुस्कराना<br />हाय हाय ये जालिम जमाना<br /> <br />गम दिये मुस्तक़ील, इतना नाजुक है दिल ये ना जाना<br />हाय हाय ये जालिम जमाना<br /></blockquote><div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/14846642-112309334398979744?l=arjhai.blogspot.com'/></div>Ashish Shrivastavahttp://www.blogger.com/profile/02400609284791502799noreply@blogger.com7tag:blogger.com,1999:blog-14846642.post-1122824913920379682005-07-31T08:44:00.000-07:002005-07-31T08:48:33.923-07:00आयी जन्जीर की झंकार खुदा खैर करे<blockquote><br />आयी जन्जीर की झंकार खुदा खैर करे<br />दिल हुवा किसका गिरफ्तार खुदा खैर करे<br /><br />जाने यह कौन मेरी रूह को छुकर गुजरा<br />एक कयामत हुई बेजार खुदा खैर करे<br /><br />लम्हा लम्हा मेरी आन्खो मे खिंच जाती है<br />एक चमकती हुई तलवार खुदा खैर करे<br /><br />खुन दिल का छलक ना जाये आन्खो से<br />हो ना जाये कहीं इज़हार खुदा खैर करे<br /></blockquote><br />ना जाने इस गाने मे क्या जादू है, कितनी ही बार सुनो मन नही भरता. गाने के बोल दिल को तो छु जाते है, कब्ब्न मिर्झा की वो लहराती हुई आवाज सिधे दिल की गहराइयो मे उतर जाती है. संगीत खय्याम का है बोल जान निसार अख्तर के है. मै कभी कभी ये गाना लुप मे डाल कर घन्टो तक सुनते रह्ता हुं. आप ये गाना <a href="http://www.raaga.com/channels/hindi/movie/H000808.html">रागा</a> पर सुन सकते है<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/14846642-112282491392037968?l=arjhai.blogspot.com'/></div>Ashish Shrivastavahttp://www.blogger.com/profile/02400609284791502799noreply@blogger.com1tag:blogger.com,1999:blog-14846642.post-1122497800244848012005-07-27T13:55:00.000-07:002005-07-27T13:56:40.246-07:00इश्ककहते है इश्क मे <br />आंखो से निंद उड जाती है<br />कोई हमसे भी इश्क करे<br />कमबख्त निंद बहुत आती है !<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/14846642-112249780024484801?l=arjhai.blogspot.com'/></div>Ashish Shrivastavahttp://www.blogger.com/profile/02400609284791502799noreply@blogger.com0tag:blogger.com,1999:blog-14846642.post-1122421718638620822005-07-26T16:48:00.000-07:002005-07-26T16:48:38.640-07:00रोक दो मेरे ज़नाजे को.....रोक दो मेरे ज़नाजे को,मेरी जान आ गयी है<br />पिछे मुडकर देखो जरा, दारू की दुकान आ गयी है<br />बोतल छुपा दो कफन मे मेरे, कब्र मे लेटा पिया करुँगा<br />जब मांगेगा हिसाब खुदा तो, जाम बना कर दिया करुँगा.<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/14846642-112242171863862082?l=arjhai.blogspot.com'/></div>Ashish Shrivastavahttp://www.blogger.com/profile/02400609284791502799noreply@blogger.com1